सनातन धर्म में प्रकृति के कण-कण में ईश्वर का वास माना गया है। सनातन धर्म में बहुत पहले से ही वृक्षों का पूजन किया जाता है। इसके पीछे धार्मिक महत्व तो है ही इसके अलावा पेड़-पौधों का पूजन करके प्रकृति के प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त की जाती है। पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं। हिंदू धर्म में पेड़-पौधों में देवी-देवताओं का वास माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में भी ग्रहों की स्थिति को अनुकूल बनाने के लिए पेड़ों का पूजन बताया जाता है। हिंदू धर्म में कुछ पेड़-पौधों को देश वृक्ष माना जाता है। मान्यता है कि यदि इन वृक्षों का पूजन किया जाए तो उससे संबंधित देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और आपके जीवन की परेशानियां दूर होती हैं। तो चलिए आज जानते हैं कि कौन से पेड़ में होता है किस देवी-देवता का वास –

  1. शमी का पेड़: शमी का सम्बन्ध शनिदेव से होता है। लेकिन ये भगवान शिव को भी बेहद प्रिय होता है। ऐसी मान्यता है कि शमी के पेड़ पर हर शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाने से आपके घर में हर प्रकार की मुसीबत टलती है। आपको सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है और सारी बुरी शक्तियों का नाश होता है। शमी के पेड़ का पत्‍ता रोजाना शंकरजी को चढ़ाने से भोलेबाबा प्रसन्‍न होते हैं।
  2. दूब घास: धार्मिक दृष्टि के अनुसार दूब घास गणपति को अधिक प्रिय है, जिसके चलते प्रत्येक बुधवार को दूब घास को हल्दी लगाकर गणेश जी को अर्पित किया जाता हैै। मान्यता है इससे जरूरों कामों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और शुभ लाभ की प्राप्ति होती है।
  3. केले का पेड़: केले के वृक्ष का संबंध बृहस्पतिदेव और भगवान विष्णु से माना गया है। बृहस्पतिवार के दिन केले की जड़ में शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए और जल में चुटकी भर हल्दी मिलाकर केले की जड़ में अर्पित करना चाहिए। इससे आपका बृहस्पति मजबूत होता है और भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त होती है। आपके घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है। जिनके विवाह में बाधा आ रही है वह भी दूर होती है।
  4. कदंब का पेड़: कदंब के पेड़ पर मां लक्ष्‍मी का वास माना जाता है। ऐसी मान्‍यता है कि कदंब के पेड़ के नीचे बैठकर यज्ञ करने से मां लक्ष्‍मी जी की विशेष कृपा प्राप्‍त होती है और परिवार में खुशियों का आगमन होता है।
  5. आंवला और तुलसी का पेड़: तुलसी भगवान विष्णु को अति प्रिय हैं। जिन घरों में प्रतिदिन सुबह शाम तुलसी में दीपक जलाकर जल चढ़ाया जाता है और तुलसी पूजन किया जाता है वहां विष्णु जी के साथ माता लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है। ऐसे घरों में हमेशा धनधान्य बना रहता है। आंवला सेहत के लिए तो फायदेमंद होता ही है इसके अलावा एकादशी तिथि को आंवला वृक्ष का पूजन करने से भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त होती है। आंवला नवमी के दिन आंवला के वृक्ष का पूजन विशेष फलदाई रहता है।
  6. बरगद व बेल का पेड़: मान्यता के अनुसार बरगद और बेल के पेड़ पर भगवान शिव वास करते हैं। प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र अर्पित करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। कहा जाता है कि हर त्रयोदशी के दिन बरगद के पेड़ की पूजा करने से मनचाहा वरदान मिलता है।
  7. पीपल का पेड़: वेदों में भी पीपल के पेड़ को पूजनीय कहा गया है। इसके मूल में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु और अग्रभाग में शिव का वास बताया गया है। स्कंद पुराण में कहा गया है कि पीपल के मूल में विष्णु, तनों में केशव, शाखाओं में नारायण, पत्तों में श्रीहरि और फलों में सभी देवताओं के साथ अच्युत भगवान निवास करते हैं।
  8. गुडहल का पेड़: गुडहल का पौधा ज्योतिष में सूर्य और मंगल से संबंध रखता है। गुडहल का फूल जल में डालकर सूर्य को अध्य्रदेना आंखों, हड्डियों की समस्या और नाम एवं यश प्राप्ति में लाभकारी होता है।