हाभारत काल में धृतराष्ट्र के छोटे भाई महात्मा विदुर की नीतियां और बातें आज के समय में भी प्रासंगिक प्रतीत होती हैं। महात्मा विदुर ने जीवन के सभी पहुलओं को लेकर अपने नीति शास्त्र में चर्चा की है। हजारों साल पहले की इन नीतियों का आज के समय में काफी महत्व है। महात्मा विदुर ने हस्तिनापुर को बचाने के लिए काफी महत्वपूर्ण फैसले लिए थे। वह अर्थशास्त्र और राजनीति के बहुत अच्छे ज्ञाता थे।

अर्थशास्त्र के ज्ञाता महात्मा विदुर ने सामान्य लोक व्यवहार में धन को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। विदुर नीति के मुताबिक बिना-सोचे समझे किसी को भी धन नहीं देना चााहिए। साथ ही उन्होंने ऐसे 3 लोगों के बारे में भी बताया जिनके हाथ में कभी धन-संपत्ति नहीं देनी चाहिए, क्योंकि ऐसे करने से धन बर्बाद हो जाता है।

  1. जो विश्वासपात्र न हो : विदुर जी कहते हैं कि ऐसे व्यक्ति को धन नहीं देना चाहिए जो विश्वासपात्र न हो यानी आपको जिसके ईमानदार होने का विश्वास न हो। यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को धन देते हैं तो आपका धन वापस मिलने की संभावना नहीं रहती है। इस तरह के लोगों को पैसा देकर व्यक्ति स्वयं ही अपने धन की हानि करता है।
  2. आलसी व्यक्ति को नहीं देना चाहिए धन: विदुर जी अपनी नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति आलस से भरा हो, उसे धन कभी नहीं देना चाहिए। विदुर जी का मानना है कि आलसी व्यक्ति को पैसे देने से धन-संपत्ति का नुकसान हो जाता है। वह पूरा धन बर्बाद कर देता है। इसलिए भूलकर भी आलसी व्यक्ति को अपना पैसा नहीं देना चाहिए।
  3. गलत कार्य करने वालों को भूलकर भी न दें धन : विदुर महाराज के अनुसर ऐसे लोगों को कभी धन नहीं देना चाहिए, जो अपने पैसे को गलत कामों में लगाता हो। ऐसे लोग आपको धन का प्रयोग गलत कार्यों को बढ़ाने के लिए करते हैं, जिसके कारण आप भी पाप के भागीदार बनते हैं। ऐसे लोग अपने हित के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं ऐसी स्थिति में न केवल आपका धन बर्बाद होने की आशंका तो रहती ही है साथ ही आपके प्राणों पर भी संकट हो सकता है।