karwa chauth

करवा चौथ का व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती है। यह व्रत उनके लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए सुहागिनें कई दिन पहले से तैयारियां शुरू कर देती है। करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है। इस साल व्रत 24 अक्टूबर को है।

करवा चौथ पर महिलाएं निर्जला व्रत रखती है, जो बेहद ही कठित होते है। इसके लिए व्रत में कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी है। वरना फल नहीं मिलता है। आइए जानते हैं करवा चौथ के दिन किन कार्यों को करने से बचना चाहिए।

न करें सिलाई-कढ़ाई का काम

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार करवा चौथ के दिन महिलाओं को नुकीली चीजों से दूर रहना चाहिए. इस दिन किसी प्रकार की सिलाई-कढ़ाई नहीं करनी चाहिए. कहा जाता हे कि सुई धागे का काम इस व्रत में बिल्कुल नहीं करना चाहिए.

किसी को नींद से न जगाएं

करवा चौथ के दिन को बेहद पवित्र दिन माना जाता है। वहीं, इस दिन की मान्यता है कि करवा चौथ के दिन व्रत वाले व्यक्ति को किसी भी सोते हुए शख्स को नींद से नहीं उठाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना अशुभ माना जाता है।

न करें सफेद वस्तुओं का दान

करवा चौथ का व्रत सु​हागिन महिलाओं के लिए अति महत्वपूर्ण होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत के दिन किसी भी सफेद रंग की वस्तु का दान भूलकर भी नहीं करना चाहिए. ऐसा करना अशुभ होता है. इस लिए सफेद कपड़े, दूध, चावल, दही और सफेद मिठाई का दान न करें.

न पहनें काले रंग के कपड़े

करवा चौथ सुहागिनों का विशेष त्योहार है और इस दिन महिलाएं अच्छे से सजती-सवरंती हैं क्योंकि यह दिन बेहद ही शुभ होता है. इसलिए करवा चौथ वाले दिन काले या भूरे रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए.

न कहें किसी को अपशब्द

सामान्यतः किसी भी व्रत में व्रत धारण करने वाले कोई भी अपशब्द नहीं कहना चाहिए. करवा चौथ व्रत के दिन तो भूलकर भी किसी को अपशब्द नहीं कहना चाहिए और नहीं किसी का अपमान करना चाहिए. इस दिन वाणी पर संयम रखें तथा किसी प्रकार का कोई भी वाद –विवाद न करें. धार्मिक मान्यता है कि साफ और शुद्ध मन से व्रत करने पर आपकी मनोकामना पूरी होती है.