हिंदू धर्म में सावन का महीना काफी पवित्र माना गया है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दौरान जो व्यक्ति श्रद्धाभाव से महादेव की पूजा की करता है,महादेवउसकी सभी मनोकामना पूरी करते हैं। सावन के महीने में ही माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठिन तपस्या की थी। इसके बाद ही उनका विवाह महादेव के साथ हुआ था। सावन मास में कुछ कार्यों को गलती से भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव कुपित हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं, जिनको सावन के महीने में भूल कर भी नहीं करना चाहिए।

सावन में न करें ये काम :

  • सावन के महीने में शिवजी की पूजा पर हल्दी, केतकी का फूल और तुलसी अर्पित नहीं करना चाहिए।
  • सावन के महीने में कांसे के बर्तन में भोजन करने से बचना चाहिए .
  • सावन के महीने में अगर संभव हो तो दाढ़ी भी न बनाएं।
  • सावन के महीने में घर-परिवार में हर प्रकार के झगड़े विवाद से दूर रहें।
  • सावन के महीने में भूलकर भी शराब का सेवन न करें।
  • सावन के महीने में भूलकर भी मांसाहार का सेवन न करें।
  • सावन के महीने में द‌िन के समय नहीं सोना चाहिए और बिस्तर का त्याग करना चाहिए।
  • सावन मास में कभी भी शरीर पर तेल नहीं लगाना चाहिए।
  • सोमवार के व्रत को भूलकर भी बीच में न तोड़े। ऐसा करना शास्‍त्रों में गलत माना गया है। अगर आप पूरे दिन व्रत नहीं कर सकते हैं तो एक समय फलाहार करके करें।
  • सावन के महीने में अदरक, लहसुन और प्‍याज खाना भी सही नहीं माना जाता है। हो सके तो न खाएं। वहीं पुराणों के अनुसार इस पवित्र महीने में मूली और बैंगन को भी खाना अशुद्ध माना जाता है।

सावन में ये काम करना होता है शुभ :

  • प्रत्‍येक सोमवार को सावन सोमवार व्रत कथा सुनें। इस कथा को भगवान शिव के पूरे वृतांत माना गया है।
  • भगवान शिव को बेल पत्र अर्पित करने के साथ ही दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल का पंचामृत बनाकर अभिषेक करें।
  • घर में अंगूठे के पोर के बराबर मिट्टी के शिवलिंग को बनाएं और उनकी पूजा करें।
  • भगवान शिव के साथ देवी पार्वती की पूजा भी करें और शाम को आरती जरूर करें।
  • भगवान शिव की पूजा करते वक्‍त या फिर जलाभिषेक करते समय ओम नम: शिवाय मंत्र का जप करें।