sargi

कार्तिक महीने की शुरूआत होने के चौथे दिन करवाचौथ मनाया जाता है. करवा चौथ हिन्दुओं का एक बहुत प्रमुख त्योहार है, जिसे शादीशुदा महिलाएं धूम-धाम से मनाती हैं. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक का निर्जला उपवास रखती हैं. इस साल 24 अक्टूबर, 2021 रविवार को करवाचौथ पड़ रहा है. इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाकर अपने निर्जला व्रत का प्रारंभ करती हैं. अगर आप भी इस दिन व्रत रख रही हैं तो इन खास फूड्स को अपनी सरगी की थाली में जरूर शामिल करें. इससे आपको दिन-भर भूख नहीं लगेगी और आपको दिन भर शरीर में एनर्जी की कमी नहीं महसूस होगी. तो चलिए जानते हैं इस बारे में-

ड्राई फ्रूट्स

ड्राई फ्रूट्स शरीर में पूरे दिन एनर्जी की संचार बनाएं रखने में मदद करता है. आप सुबह-सुबह करवा चौथ सरगी में ड्राई फ्रूट्स जैसे काजू, किशमिश, बादाम, अखरोट आदि जरूर शामिल करें. इसमें मौजूद फाइबर आपकी भूख को कंट्रोल करता है और आपको लंबे समय तक पेट भरे रहने की फीलिंग होती है.

फल या जूस

सरगी के समय आप फलों को या फलों के जूस को भी थाली में जरूर शामिल करें. ये फल विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर होते हैं और इनमें फाइबर भी काफी होता है. जिसकी वजह से ये आपको एनर्जी भी देंगे और भूख का अहसास भी नहीं होने देंगे. इसके लिए आप अनार, तरबूज, केला, पपीता और अमरूद जैसे फलों को सरगी में शामिल कर सकती हैं. ये फल आपको हाइड्रेटेड रखने में भी आपकी मदद करेंगे.

नारियल पानी

नारियल पानी भी आपको सरगी के दौरान जरूर पीना चाहिए। इससे आपको एक साथ कई फायदे मिलेंगे. ये आपके शरीर को हाइड्रेटेड रखेगा जिससे आपको दिन भर प्यास का अहसास नहीं होगा। साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्व आपको दिन भर एनर्जी से भरपूर रखने में भी मदद करेंगे और आपका पेट भी भरा-भरा सा रहेगा।

दूध का करें सेवन

करवा चौथ की सरगी में आप दूध या दूध से बनी मिठाइयों का सेवन जरूर करें. इसके लिए आप सेवई, खीर या रबड़ी का सेवन कर सकती हैं. दूध में भारी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है जो शरीर में एनर्जी के लेवल के मेंटेन रखने में मदद करता है. अगर सुबह के समय कोई मिठाई नहीं मौजूद है जो आप सिर्फ एक गिलास दूध भी पी सकते हैं.

मेवा के लड्डू

आप सरगी की थाली में लड्डू भी शामिल कर सकते हैं। इसमें बादाम, काजू, किशमिश, पिस्ता और खजूर जैसे सूखे मेवा को दरदरा पीसें। फिर घी, शक्कर और नारियल पाउडर डालें। फिर इसे लड्डू की शेप दें।

फिरनी

ये भी एक पारंपरिक डिश है। जिसे दूध में चावल का आटा डालकर तैयार किया जाता है और धीमी आंच पर पकाएं। फिर इसमें शक्कर और सूखे मेवा मिलाएं और मिट्टी के बर्तन में परोसें।

जानें सरगी खाने का सही समय

सरगी भोर यानी सूर्य निकलने से पूर्व खाई जाती है। सरगी खाने का सबसे सही समय सुबह तीन या चार बजे होता है। इसके बाद व्रत करने वाली महिलाओं को पानी भी नहीं पीना होता है।

जानें सरगी की प्रथा

भोर में स्नान करने के बाद सास अपनी बहू के लिए सरगी बनाती है और बहू स्नान के बाद इस सरगी को खाती है। यदि सास साथ न रहती हों तो सरगी पहले ही बहू के लिए भिजवा दिया जाता है। बहू इस सरगी को खुद बनाकर खाती है। यदि सास न हो तो सास समान जेठानी या भाभी भी इस सरगी को दे सकती हैं।