कुंडली के माध्यम से ग्रहों की चाल और और राजयोग के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है। हालांकि, बहुत कम लोगों को पता है कि शरीर की बनावट के आधार पर भी राजयोग के बारे में पता लगाया जा सकता है। शारीरिक बनावट के आधार पर भविष्य जानने की इस विद्या को सामुद्रिक शास्त्र कहते हैं। सामुद्रिक शास्त्र का भरण ग्रंथ शरीर की बनावट के आधार पर बताता है कि किस व्यक्ति के धनवान बनने के योग हैं और किसके नहीं। आइए जानते हैं इसके बारे में –

  1. सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक, जिन लोगों की छाती चौड़ी, नाक लंबी और नाभि गहरी होती है, उन्हें कम उम्र में ही बहुत सफलता मिल जाती है। ऐसे लोग अपने सारे सपने आसानी से पूरे कर लेते हैं। इन लोगों के पास धन की कमी नहीं होती है और ये लोग ज्यादातर प्रॉपर्टी में निवेश करते हैं।

2. जिन लोगों के पैर के तलवे में अंकुश, कुंडल या चक्र के निशान होते हैं वो लोग एक अच्छे शासक, बड़े व्यापारी,          अधिकारी या राजनेता बनते हैं।

3. जिन महिलाओं की बाईं हथेली के बीच में तिल, ध्वजा, मछली, वीणा, चक्र या कमल जैसी आकृतियां बनती हैं वो          लक्ष्मी समान मानी जाती हैं। भरण ग्रंथ के अनुसार, ऐसी महिलाएं जहां भी जाती हैं वहां धन और खुशियों का ढेर लगा      देती हैं। वहीं जिन पुरुषों के हाथों या पैरों में मछली, अंकुश या वीणा के समान निशान हों, वह कम समय में पैसा          और प्रतिष्ठा कमा लेते हैं।

4. जिनकी हथेली के बीचोबीच तिल होता है वो लोग बहुत धनवान और समाज में प्रतिष्ठित होते हैं। वहीं जिन लोगों के          तलवों पर तिल, चंद्रमा या वाहन जैसा निशान दिखाई देता है, उन्हें कई तरह के वाहनों का सुख मिलता है। ऐसे लोग      कई देशों की यात्रा करते हैं।

5. जिन महिलाओं या पुरुषों के पैर में कमल, बाण, रथ या सिंहासन जैसा निशान होता है उन्हें आजीवन भूमि-भवन जैसी      सुख-सुविधाएं मिलती हैं।

6. जिन पुरुषों की छाती पर अधिक बाल होते हैं, उन्हें संतोषी प्रवृत्ति का माना जाता है। इन लोगों के पास बहुत धन तो        नहीं होता है लेकिन धन के अभाव में उनका कोई काम भी नहीं रुकता है।

7. जिन लोगों के हाथ में 6 अंगुलियां होती हैं, ऐसे लोग भाग्य के बहुत धनी होते हैं। ऐसे लोग ईमानदार और मेहनती भी      होते हैं। वहीं जिनके माथे के दाहिने हिस्से और दाएं गाल पर पर तिल होता है उनकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत        होती है।

8. अंगूठे में यव का चिह्न हो तो व्यक्ति धनवान होता है। अंगुलियों के पर्व लम्बे हो तो व्यक्ति भाग्यशाली और दीर्घायु होता      है। धनी मनुष्यों के हाथ की रेखाएं स्पष्ट और गहरी होती हैं जबकि धन के अभाव से जूझ रहे लोगों की हाथ की रेखाएं      बहुत हल्की होती हैं।

9. जिनके हाथ में मकर, ध्वज, कोष्ठ और मन्दिर के चिन्ह जैसी विशेष की रेखाएं होती हैं, ऐसा व्यक्ति महाधनी होता है।       हाथ में चक्र, तलवार, फरसा, तोमर, शक्ति, घनुष और भाले की जैसी दिखने वाली रेखाएं हों तो जातक सेना या            पुलिस में उच्च पद पर आसीन होता है।

10. हाथ में बावली, देवमन्दिर अथवा त्रिकोण के चिह्न वाले लोग स्वभाव से धर्मात्मा होते हैं। अंगूठे के मूल में मोटी रेखाएं        पुत्रों की जबकि सूक्ष्म रेखाएं कन्याओं की मानी जाती हैं। ध्यान रखने वाली बात है कि राजयोग बनाने वाले सभी शुभ        निशान स्त्री के बाएं हिस्से और पुरुषों के दाएं हिस्से में होते हैं।