हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना गया है। बहुत से लोग सोमवार के भगवान् शिव को प्रसन्न करने के लिए व्रत करते और भगवान् शिव की पूजा-अर्चना करते है। सोमवार के दिन कुछ विशेष उपाय करने से भोलेनाथ जल्द प्रसन्न होते हैं और राह में आने वाली हर बाधाओं को दूर करते हैं।

सोमवार व्रत और पूजा का महत्व :

ऐसी मान्यता है कि जो भी व्यक्ति सोमवार के दिन व्रत रखता है और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करता है उसे भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। देवादिदेव महादेव अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। सोमवार का व्रत करने से मनुष्य के जीवन से दुख, रोग, कलह, क्लेश और आर्थिक तंगी दूर होती है। कुंवारी कन्याएं भोलेनाथ का 16 सोमवार का व्रत करती हैं जिससे उनके शिवजी जैसा वर प्राप्त हो।

इस विधि से करें शिवजी की पूजा-अर्चना:
  • सोमवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाएं। नित्यकर्मों को पूरा कर स्नानादि कर शुद्ध हो जाएं।
  • फिर पूजा घर में जाए या फिर मंदिर जाएं। यहां पर शिवजी समेत माता पार्वती और नंदी को गंगाजल और दूध चढ़ाएं।
  • शिवलिंग पर धतूरा, भांग, आलू, चंदन, चावल अर्पित करें। सभी को तिलक लगाएं। फिर धूप, दीप जलाएं। सबसे पहले गणेश जी की आरती करें और फिर शिवजी की आरती करें।
  • फिर शिवजी को घी, शक्कर या प्रसाद का भोग लगाएं। इसके बाद सभी में प्रसाद बांटे।
  • शिवजी को बिल्व पत्र बेहद प्रिय हैं। इन्हें अर्पित करने से शिवजी प्रसन्न हो जाते हैं।
  • भगवान शिव के पूजन के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे शांति एवं सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
  • इसके अलावा नमः शिवाय, ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप भी करना चाहिए।
  • पूरे दिन व्रत करें। शाम को पूजा करने के बाद कर व्रत खोलें। आप चाहें तो यह पूरा व्रत फलाहार ही कर सकते हैं।
शिव पूजन में ना करें ये काम :

वैसे तो भगवान शिव को प्रसन्न करना बेहद आसान होता है। लेकिन जरा सी गलती से भगवान शिव नाराज भी हो सकते हैं। सोमवार की पूजा करते समय हमें कुछ बातों का विशेष रूप ध्यान रखना चाहिए।

  1. काले वस्त्र: शिव पूजन कभी भी काले रंग के वस्त्र पहन कर नहीं करनी चाहिए।
  2. तुलसी: भगवान शिव की पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित माना गया है।
  3. नारियल का पानी: भगवान शिव को कभी भी नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए।
  4. हल्दी: हल्दी उपयोग मुख्य रूप से सौंदर्य प्रसाधन में किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है, इसी वजह से महादेव को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती।
  5. फूल: शिवजी को कनेर और कमल के अलावा लाल रंग के फूल प्रिय नहीं हैं, साथ ही शिव को केतकी और केवड़े के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए।
  6. कुमकुम या रोली: शास्त्रों के अनुसार शिव जी को कुमकुम और रोली नहीं लगाई जाती है।