सनातन धर्म के 18 पुराणों में से एक गरुड़ पुराण है। गरुड़ पुराण शास्त्र में, भगवान विष्णु और गरुड़ के बीच बातचीत का वर्णन है। गरुड़ एक पक्षी है जिसे भगवान विष्णु का वाहन माना जाता है। गरुड़ पुराण विष्णु पुराण का एक हिस्सा है जिसमें हिंदू धर्म के मृत्यु, पुनर्जन्म और अंतिम संस्कार से संबंधित बातों का जिक्र किया गया है। इस पुराण में भगवान विष्णु ने ये भी बताया है कि व्यक्ति के वे कौन से कर्म हैं जिसकी वजह से व्यक्ति के जीवन में दरिद्रता आती है।

  • अस्वच्छ और गंदे वस्त्र धारण करने वाले लोग- गरुड़ पुराण के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से नहीं नहाते, दांतों की सफाई नहीं करते और अस्वच्छ कपड़े पहनते हैं, उन पर मां लक्ष्मी कभी भी प्रसन्न नहीं होतीं हैं। ऐसे लोगों का जीवन बीमारियों में गुजरता है और जीवन में हमेशा दरिद्रता का वास रहता है।
  • धन का घमंड करने वाले लोग – गरुड़ पुराण कहता है कि यदि किसी व्यक्ति को अपने धन का घमंड हो जाये तो ऐसे लोगों की बौद्धिक क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे लोग अपने धन को व्यर्थ के कार्यों में खर्च कर दरिद्रता को बुलावा देते हैं। ऐसे चरित्र और स्वभाव वाले लोगों के घर में माता लक्ष्मी वास नहीं करती हैं।
  • सूर्योदय के बाद तक सोने वाला लोग – गरुड़ पुराण के अनुसार, सुबह का समय काफी कीमती होता है। हर व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर इस समय का सदुपयोग करना चाहिए।लेकिन जो लोग सुबह जल्दी नहीं उठते और देर से बिस्तर छोड़ते हैं। ऐसे लोगों से माता लक्ष्मी नाराज रहती हैं। ऐसे घरों में दरीद्रता का वास होता है।
  • दूसरों की आलोचना करने वाले लोग – गरुड़ पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति स्वभाव से आलोचक हो यानी कि वो हमेशा किसी दूसरे व्यक्ति की कमियां निकालता हो और दूसरों के बारे में बुरा बोलता हो, माता लक्ष्मी उससे नाराज हो जाती हैं। दूसरों पर बेवजह चीखने-चिल्लाने या गुस्सा होने का स्वभाव हो तो भी जीवन में दरिद्रता आती है।
  • मेहनत से बचने वाले लोग – गरुड़पुराण कहता है की जो कोई व्यक्ति मेहनत करने से कतराता है या परिश्रम करने से बचता है और सौंपे गए कार्य को ढंग से नहीं करता है तो माता लक्ष्मी ऐसे व्यक्ति से सदैव नाराज़ होती हैं। गरुड़ पुराण में लोगों को अपने इस स्वभाव से बचने को कहा गया है। वहीं गरुड़ पुराण में अत्यधिक खाने वाले व्यक्ति को भी दरिद्रता का कारण माना गया है क्योंकि ऐसा व्यक्ति जीवन में आलस्य बढ़ाता है।